Story 6 दोस्ती Friendship Part 1 : किराने की दुकान - The Grocery Store




दोस्ती : भाग 1 - किराने की दुकान

शाम के करीब पाँच बजे का समय था।
कॉलोनी के छोटे‑से किराने की दुकान पर रोज़ की तरह हलचल थी—
किसी को दाल चाहिए, किसी को नमक, किसी को साबुन।

उसी भीड़ में तीन औरतें एक ही शेल्फ के पास खड़ी थीं।

मीना, जो दो बच्चों की माँ थी, चावल का पैकेट ढूँढ रही थी।
फरज़ाना, जो पास के स्कूल में काम करती थी, मसालों की लिस्ट हाथ में लिए इधर‑उधर देख रही थी।
और लता, जो अकेली रहती थी, तेल और आटे के दाम देख रही थी।

तीनों एक ही समय पर एक ही पैकेट की तरफ़ हाथ बढ़ा बैठीं।

मीना हँसकर बोली,
“अरे, लगता है हम सबको यही चाहिए था।”

फरज़ाना मुस्कुराई,
“हाँ, और दुकान में शायद आख़िरी पैकेट है।”

लता ने धीरे से कहा,
“तो बाँट लेते हैं… आधा‑आधा… या तीनों में थोड़ा‑थोड़ा।”

तीनों एक पल के लिए एक‑दूसरे को देखती रहीं,
फिर हँस पड़ीं।

दुकानदार बोला,
“अरे बहनों, पीछे पूरा स्टॉक रखा है। आप लोग क्यों घबरा रही हैं ?”

तीनों फिर हँस पड़ीं।



मीना: “आप लोग यहीं रहती हैं क्या?”
फरज़ाना: “हाँ, ब्लॉक‑C में। आप?”
मीना: “मैं ब्लॉक‑A में। और आप?”
लता: “मैं ब्लॉक‑B में। लगता है हम पड़ोसी हैं, पर मिले आज ही।”

फरज़ाना ने पूछा,
“आप लोग रोज़ इसी समय आती हैं?”

मीना बोली,
“हाँ, बच्चों के बाद यही मेरा ‘ब्रेक टाइम’ है।”
लता ने कहा,
“और मेरा ‘लोगों से मिलने का टाइम’। घर में तो चुप्पी रहती है।”

तीनों मुस्कुराईं।
कुछ ही मिनटों में एक अजनबी‑सी दूरी कम हो गई।


पहली चाय

बिल का इंतज़ार करते हुए मीना ने कहा,
“दुकान के बाहर चाय वाला है… चलिए न, एक‑एक चाय हो जाए।”

फरज़ाना बोली,
“हाँ, क्यों नहीं। आज मसालों की लिस्ट लंबी है, चाय पीकर ही निपटाऊँगी।”

लता ने हल्की‑सी हिचकिचाहट के बाद कहा,
“ठीक है… बहुत दिनों बाद किसी के साथ चाय पीने का मन हो रहा है।”

तीनों दुकान के बाहर खड़ी होकर चाय पीने लगीं।
हल्की हवा चल रही थी, और बातचीत अपने‑आप शुरू हो गई—
घर की बातें, काम की बातें, बच्चों की बातें, और थोड़ी‑सी शिकायतें भी।

चाय खत्म होते‑होते तीनों को लगा कि यह मुलाक़ात कुछ खास थी।

मीना ने कहा,
“कल फिर इसी समय मिलते हैं?”
फरज़ाना बोली,
“ज़रूर।”
लता ने मुस्कुराकर कहा,
“हाँ… अच्छा लगेगा।”


और इस तरह…किराने की दुकान पर हुई एक छोटी‑सी मुलाक़ात

धीरे‑धीरे एक नई दोस्ती में बदलने लगी।

यह तो बस शुरुआत थी—

  • Story 6 दोस्ती Friendship Part 2 : मीना का मुश्किल दिन - Mina's difficult day
  • Story 6 दोस्ती Friendship Part 3 : लता - Lata
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